उत्तराखंड

डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली राज्यपाल पद की शपथ, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा प्राथमिकता।

डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। लोक भवन में सुबह 11 बजे आयोजित समारोह में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना, पद की गरिमा बनाए रखना और प्रदेश के विकास को गति देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् से हुई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति पत्र पढ़कर सुनाया। इसके बाद डॉ. बिसेन ने शपथ ली। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल ने उत्तराखंड पुलिस के सम्मान गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।

राज्यपाल ने देवभूमि उत्तराखंड की जनता के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें सेवा का अवसर देने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का केंद्र है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे चार धामों के साथ आदि कैलाश और जागेश्वर धाम इस भूमि की आध्यात्मिक पहचान हैं। प्रदेश अपने प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन स्थलों के लिए भी विश्वभर में प्रसिद्ध है।

विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर जोर

डॉ. बिसेन ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। यहां के अनेक परिवारों के सदस्य देश की रक्षा के लिए सेना में सेवाएं दे रहे हैं। प्रदेश की मातृशक्ति सशक्त और प्रेरणादायी है। यहां के युवा, किसान और समाज के विभिन्न वर्ग मेहनती हैं। इन क्षमताओं के बल पर उत्तराखंड विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार के प्रांगण से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने का आह्वान किया था। इस संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेश के विकास की गति बनाए रखते हुए उसे नई ऊंचाइयों तक ले जाना होगा।

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार और जनता के साथ मिलकर काम किया जाएगा। देवभूमि की शांति, सुरक्षा और समृद्धि ही उनका प्रमुख ध्येय रहेगा।

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत और विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, खजान दास और मदन कौशिक मौजूद रहे। सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, महेंद्र भट्ट और नरेश बंसल भी समारोह में शामिल हुए।

इसके अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल और सविता कपूर, योग गुरु स्वामी रामदेव, परमार्थ निकेतन के प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल केके शुक्ल समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button